बिहार की टीचर ने बच्चों को पढ़ाने के लिए बॉलीवुड गाने पर यूं खिलवाया खेल, IAS अधिकारी ने जमकर की तारीफ, देखे वायरल वीडियो

बिहार की टीचर ने बच्चों को पढ़ाने के लिए बॉलीवुड गाने पर यूं खिलवाया खेल, IAS अधिकारी ने जमकर की तारीफ, देखे वायरल वीडियो

Teacher Viral Video: बिहार की एक टीचर एक वीडियो के बाद सुर्खियां बटोर रही है, जिसमें वह छात्रों के साथ मजेदार तरीके से बातचीत करती हुई दिखाई दे रही है. उसके वीडियो को देखने के बाद लोगों ने जमकर वाहवाही की.वीडियो को आईएएस दीपक कुमार सिंह ने ट्विटर पर शेयर किया और उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'आप क्लास में क्या पढ़ाते हैं सिर्फ यही जरूरी नहीं, बल्कि यह जरूरी है कि आप क्लास में बच्चों को कैसे पढ़ाते हैं और टीचर द्वारा पढ़ाई गई चीज छात्रों को कितना समझा आती है यह भी मायने रखता है! इसका नमूना लें. बिहार के बांका में एक शिक्षक ने अपने छात्रों को कुछ इस अंदाज में पढ़ाया कि उनके चेहरों पर मुस्कान आ गई! यह आपको पूरी कहानी बताती है!'

टीचर के पढ़ाने का तरीका आईएएस अधिकारी को आया पसंद

इस वीडियो की शुरुआत में खुशबू कुमारी (Khushboo Kumari) नाम की एक टीचर को बॉलीवुड की मशहूर सिंगर अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal) और सुरेश वाडकर की 'बिल्ली बोली म्याऊ' गाते हुए देखा जा सकता है क्योंकि वह छात्रों से आगे गाने को कहती हैं. फिर छात्रों का एक समूह उसे गले लगाने के लिए उसकी ओर दौड़ता है. वीडियो में आगे आप देख सकते हैं कि कुछ छात्र अपनी हथेलियों से अपनी आंखों को मूंद लेते हैं, जबकि अन्य क्लास से बाहर पेड़ों के पीछे छिप जाते हैं. इसके बाद टीचर छात्रों के साथ बाहर चली जाती हैं और दूसरे ग्रुप को पेड़ों के पीछे छिपे हुए ढूंढती हैं और स्कूल कैंपस के अंदर उनके साथ खेलती रहती हैं.

वीडियो पर लोगों ने दी कुछ ऐसी प्रतिक्रिया


इस वीडियो को पोस्ट किए जाने के बाद से करीब 10 हजार बार देखा जा चुका है और सैकड़ों लाइक्स मिले हैं. इतना ही नहीं, इस वीडियो पर कई लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा, 'सीखना एक कार्य नहीं होना चाहिए. यह मजेदार होना चाहिए. पूरी प्रक्रिया को आनंदमय बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है.' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'थकाऊ शिक्षा को पार पाते हुए ये टैलेंटेड टीचर ने लोगों को अपने तरीके से समझाया कि बच्चों को कैसे शिक्षित करना चाहिए. हमें उनके जैसे कई और लोगों की जरूरत है. भगवान उन्हें और यश दे.' एक तीसरे यूजर ने लिखा, 'अन्य स्कूलों में भी कुछ ऐसा ही होना चाहिए.'

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